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बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का कहर, 15 लोगों की मौत, 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

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बिहार में तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई है। 15 लोगों की मौत के बाद मौसम विभाग ने पटना समेत 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

पटना/आलम की खबर:बिहार में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि लोगों को एक तरफ भीषण गर्मी से राहत मिली तो दूसरी तरफ भारी तबाही का सामना भी करना पड़ा। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और वज्रपात ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक आपदा की अलग-अलग घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए पटना सहित 25 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले 24 से 48 घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।

शुक्रवार की दोपहर तक जहां तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई जगहों पर हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और घरों की छतों को नुकसान पहुंचा। शहरी क्षेत्रों से लेकर गांवों तक मौसम के इस बदलाव का व्यापक असर देखने को मिला।

सबसे ज्यादा नुकसान वज्रपात की घटनाओं से हुआ। खेतों में काम कर रहे किसान, खुले स्थानों पर मौजूद लोग और ग्रामीण क्षेत्रों के कई नागरिक बिजली गिरने की चपेट में आ गए। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। हादसों के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हुआ है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण वातावरण में अस्थिरता पैदा हुई, जिससे तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की स्थिति बनी। कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण जलजमाव की समस्या भी सामने आई। निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर आ गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। नगर निकायों की टीमें जल निकासी की व्यवस्था में जुटी हुई हैं।

खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। पटना एयरपोर्ट पर तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण कई उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कुछ विमानों को वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा, जबकि कई उड़ानें निर्धारित समय से देर से रवाना हुईं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और एयरपोर्ट पर अव्यवस्था जैसी स्थिति बन गई।

रेल सेवाएं भी मौसम की मार से अछूती नहीं रहीं। रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने और तकनीकी बाधाओं के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कुछ ट्रेनें घंटों देरी से चलीं जबकि कुछ को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने तत्काल मरम्मत और बहाली का कार्य शुरू कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया।

तेज हवाओं और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। कई जिलों में बिजली के तार टूट गए और खंभों को नुकसान पहुंचा। हजारों उपभोक्ताओं को घंटों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रही हैं।

मौसम विभाग ने पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण समेत 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की भी आशंका बनी हुई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने और मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वज्रपात के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थानों पर न करें और सुरक्षित भवनों में शरण लें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।

हालांकि बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है। राज्य सरकार और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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